Gurugram- गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद एक कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी अपने ही पिता की हत्या के मामले में साल 2019 से जेल में बंद था। पिछले कई दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। जेल अस्पताल से सिविल अस्पताल रेफर किए जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

दरअसल, मृतक की पहचान 46 वर्षीय ऋषभ मेहता के रूप में हुई है। ऋषभ साल 2019 में अपने पिता सुशील मेहता की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था और तभी से भोंडसी जेल में बंद था। इस मामले की शुरुआत गुरुग्राम के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी गार्डन से हुई थी। यहां ऋषभ ने अपने पिता सुशील मेहता पर चाकू से कई वार कर उनकी हत्या कर दी थी।
पुलिस के मुताबिक, ऋषभ मानसिक रूप से परेशान था। उसे भ्रम था कि उसके माता-पिता उससे प्यार नहीं करते और छोटे भाई मयंक को ज्यादा महत्व देते हैं। इतना ही नहीं, उसे यह भी शक था कि उसके माता-पिता ने उस पर काला जादू किया हुआ है।

इसी भ्रम के चलते उसने अपने पिता पर चाकू से हमला कर दिया। गर्दन पर चाकू लगने से सुशील मेहता की मौके पर ही मौत हो गई थी। बीच-बचाव करने आई उसकी मां चंदर मेहता और भाई मयंक पर भी उसने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था।

पुलिस के मुताबिक, पिछले कई दिनों से ऋषभ की तबीयत खराब चल रही थी। 2 नवंबर की सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर उसकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार नहीं होने पर उसे सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद भोंडसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह का पता चल सकेगा।